Wednesday, 18 December 2013

पैरों की बिवाईयों
लगभग २० ग्राम मोम लीजिए और लगभग इतनी ही मात्रा में गेंदे की ताजी बारीक-बारीक कटी हरी पत्तियाँ। दोनो को एक बर्तन में लेकर धीमी आंच पर गर्म कीजिए, कुछ देर में मोमपिघलने लगेगी और साथ ही पत्तियों का रस भी मोम के साथ घुल मिल जाएगा..जब मोम पूरी तरह से पिघल जाए, हल्का हल्का खौलने लगे, बर्तन को नीचे उतार दीजिए और ठंडा होने दीजिए..मोम को सोने से पहले पैरों की बिवाईयों पर लगाईये, दिन में भी इस मोम को लगाकर मोजे पहन लें, पैरों की बिवाईयों या कटे फ़टे हिस्से दो दिन में ठीक होने लगेंगे.



Health

GUYABANO (SOURSOP) TEA FOR CANCER, DIABETES, ARTHRITIS AND OTHER INFLAMMATORY DISEASES .~~~~~ HERES HOW TO PREPARE: You will be needing 40 pcs of guyabano leaves 1 liter clean water NOTE: USE MATURE BUT NOT TOO OLD LEAVES. AIR DRIED LEAVES ARE BETTER THAN FRESH LEAVES BECAUSE IT CONCENTRATES THE MEDICINAL PROPERTIES OF THE LEAVES MAKING IT MORE EFFECTIVE. DON'T ALSO DO SUN OR OVEN DRY BECAUSE TOO MUCH HEAT WILL COOK THE NUTRITIONAL VALUE OF THE LEAVES, THUS LOSING ITS POTENCY. PROCEDURE: 1. Boil the 1 liter water in a sauce pan. 2. As soon as it boils, add the leaves and turn the heat to low. 3. Simmer it for 20 minutes. The color will turn to golden brown or just like the color of regular tea. 4. let it cool before drinking. The tea is only good for 7-8 hours and may be refrigerated. * GUYABANO TEA MUST BE TAKEN FOR 30 DAYS, 3 TIMES A DAY, ONE GLASS BEFORE MEALS. THE TEA IS EASILY ABSORBED IN AN EMPTY STOMACH. *It should only be taken for 30 days. More than that, it will destroy the normal flora. *After 30 days, have yourself checked by your doctor to examine if the disease is still there. If the symptoms is still there, taper the dose to maintenance dose. * If the symptoms disappear before the 30 day treatment, continue taking the tea to make sure that no single sick cell is present. 30 day treatment, 3x a day, one glass 30 minutes before meals no skipping. MAINTENANCE DOSE: ONE GLASS OF TEA A DAY 30 MINUTES BEFORE MEALS FOR 5 DAYS EXCEPT SATURDAY OR SUNDAY. HAVE AT LEAST 2 DAYS REST PERIOD A WEEK. ***Dont mix the tea with other healing substances to avoid incompatibility. *** Dont overuse the tea. Follow the procedure. FIGHT CANCER. FIGHT FOR YOUR LIFE MUST.

Sunday, 15 December 2013

Story
एक बेरोजगार आदमी, जिसका नाम प्रतीक था. एक बड़ी company में peon की post के लिए interview देने गया..
उससे कुछ सवाल पूछे गए. और फिर एक practical test लिया गया की, “जाकर चाय लेकर आओ.”
वो test में भी पास हो गया.
उसे उसका email देने के लिए कहा गया. पर उसने जवाब दिया “मेरे पास computer नहीं है. और न ही email है.”
“माफ़ करो.” उस employer ने कहा “अगर तुम्हारे पास email नहीं है. इसका मतलब है तुम्हारा कोई अस्तित्व ही नहीं है. इतनी बड़ी कम्पनी में email के बिना तुम काम नहीं कर सकते. तुम्हे नौकरी नहीं दी जा सकती.”
प्रतीक बहुत निराश हो गया. उसके जेब में केवल 500 रुपये बचे थे.
वो हार नहीं मान सकता था. इसलिए वो दूसरे दिन सुबह सुबह मंडी गया. और वहां से 500 रुपये के टमाटर ख़रीद लाया. पूरा दिन उसने घर घर जाकर टमाटर बेचे. और 300 रुपये का मुनाफ़ा हुआ.
वो हर दिन यही करने लगा. जल्द ही उसने दुसरे काम भी शुरू कर दिए, उसका बहुत मुनाफ़ा होने लगा . एक दूकान ख़रीदी. एक truck ख़रीद लिया. और केवल 5 सालो में प्रतीक की compnay देश की सबसे बड़ी food retailer companies में से एक बन गयी. उसने अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करने के बारे में सोचा. और एक life insurance भी करवा लिया.
फिर एक दिन एक पत्रकार उसका interview लेने आया. उसने उससे कई सवाल पूछे. और घंटो बातें की.
और आखिर में पत्रकार ने उससे उसका email माँगा.
प्रतीक ने जवाब दिया, “मेरे पास email नहीं है.”
पत्रकार बड़ा हैरान हुआ. उसने प्रतीक से कहा, “क्या आप जानते है की email कितनी ज़रूरी चीज़ है. आप आज इतने सफल है. आप सोच सकते है यदि आपके पास email होता तो आप क्या कर रहे होते, कितने अधिक सफल होते?”
प्रतीक ने कुछ देर सोचा फिर जवाब दिया, “अगर मेरे पास email होता तो मैं एक company में peon की नौकरी कर रहा होता.”
इतना तो हम सभी जानते और मानते की हर किसी के पास सारे साधन resources नहीं हो सकते. पर हमारे पास जितना है उससे हम कितना कुछ कर पाते है सफ़लता के असल मायने इसी में है. 
Health
मटर -- - मटर का मौसम आ गया है. मटर छिलना , उसे साल भर के लिए प्रीजर्व करना आदि काम शुरू हो चुके है. - इसके लिए एक सुझाव है की बच्चों को शाम को टीवी देखते समय मटर छिलने को दे दें. वे बातें करते करते ये काम निपटा डालेंगे और साथ ही साथ ताज़ी मीठी मटर के दाने खाते भी जायेंगे जो उनके लिए बहुत अच्छे है. - सभी छिल्कें एक अखबार के पन्ने में लपेट कर गाय को खिला दें. - मटर त्रिदोष नाशक है; यह मल को बाँधने वाली है. - कच्ची मटर खाने से कब्ज़ दूर होती है। - ये स्त्रियों में माहवारी की रुकावट दूर करता है। - मटर खाने से रक्त और माँस बढ़कर शरीर स्वस्थ होता है। - मटर प्रोटीन का उत्तम साधन है। - शरीर में कहीं भी दाह, जलन हो, हरी मटर पीसकर लेप करें। - एक शोध में पता चला है कि हरी मटर में काउमेस्‍ट्रोल होता है जो कि एक प्रकार का फाइटोन्‍यूट्रीयन्‍ट होता है, अगर शरीर में इसकी संतुलित मात्रा होती है तो कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि अगर आप हर दिन हरी मटर का सेवन करें तो पेट का कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। - हरी मटर में विटामिन के भरपूर मात्रा में होता है जिससे हड्डियां मजबूत होती है। यह ऑस्टियोपोरोसिस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करती है। - हरी मटर में शरीर से ट्राइग्लिसराइड्स के स्‍तर को कम करने का गुण होता है जिससे कोलेस्‍ट्रॉल नियंत्रित रहता है। - इसमें एंटी - इनफ्लैमेटरी कम्‍पाउंड और एंटी - ऑक्‍सीडेंट दोनों भरपूर मात्रा में होते है। जिससे दिल की बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है। - हरी मटर उच्‍च फाइबर से भरपूर होती है जिसके सेवन से फैट नहीं बढ़ता है। इसलिए यह वजन घटाने में सहायक है। - हरी मटर के एंटी - ऑक्‍सीडेंट शरीर को चुस्‍त - दुरूस्‍त रखने में सहायक होते है। इसके अलावा, हरी मटर में फ्लैवानॉड्स, फाइटोन्‍यूटिंस, कैरोटिन आदि होते है जो हमें हमेशा जवान और शक्ति से भरपूर बनाएं रखता है। - हरी मटर के नियमित सेवन से भूलने की समस्‍या दूर हो जाती है। - हरी मटर में उच्‍च फाइबर और प्रोटीन तत्‍व होते है जो शरीर में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करते है। - भूनी हुई मटर के दाने और नारंगी के छिलकों को दूध में पीसकर उबटन करने से शरीर का रंग निखर जाता है।कुछ दिनों तक चेहरे पर पिसी मटर का उबटन मलते रहने से झांई और धब्बे समाप्त हो जाते है। - यदि जाड़ो के दिनों में उंगलियों सूज जाये तो मटर के दानों का काढ़ा बनाये और थोड़े गर्म काढ़े में कुछ देर उंगलियों डुबोकर रखनी चाहिए अथवा इसके साथ मीठा तेल मिलाकर उंगलियों को धोना चाहिये। - मटर को उबाल कर इस पानी से स्नान करने से शरीर की सूजन दूर होती है. - शाम को यूँ ही कुछ खाने का मन हो तो ताज़ी मटर फलियों को धो कर उन्हें घी जीरे से बघार कर थोड़ा ढक कर पका लें. जब ये फलियाँ पक जाए तो इन्हें छिलके समेत खाए. ये बहुत ही स्वादिष्ट लगती है. - मटर के दाने उबाल कर चाट की तरह खाए जा सकते है. - इसकी कचौड़ियाँ , पराठे आदि भी बनते है. - तो आप किस तरह मटर बनाने वाले है ?

Tuesday, 10 December 2013

Health
There are a number of herbal remedies and home remedies to
get rid of underarm odor
Prepare and drink a glass of sage herbal tea, which is known to reduce your sweat-gland activity,particularly if you tend to perspire heavily when under stress or tension.
Steep two teaspoons of sage in one cup of hot water for 15 minutes, strain and drink once a day or throughout the day.
Wipe your armpits with witch hazel or white vinegar, which helps to deodorize the area. The scent will typically be gone in a few minutes. you can use a cotton ball to apply this.
Use a washcloth to wipe your underarms with apple cider vinegar, which helps to lower the pH levels of the armpit skin. This helps eliminate odor-causing bacteria, which cannot survive the low pH environment.
Use baby powder or baking soda in place of deodorant. Simply apply this to your dry armpits. The powder helps to absorb moisture and also kill bacteria. 
सफलता का रहस्य
एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है?
सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो.वो मिले. फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा.और जब आगे बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक सुकरात ने उस लड़के का सर पकड़ के पानी में डुबो दिया. लड़का बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा , लेकिन सुकरात ताकतवर थे और उसे तब तक डुबोये रखे जब तक की वो नीला नहीं पड़ने लगा. फिर सुकरात ने उसका सर पानी से बाहर निकाल दिया और बाहर निकलते ही जो चीज उस लड़के ने सबसे पहले की वो थी हाँफते-हाँफते तेजी से सांस लेना.
सुकरात ने पूछा ,” जब तुम वहाँ थे तो तुम सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?”
लड़के ने उत्तर दिया,”सांस लेना”
सुकरात ने कहा,” यही सफलता का रहस्य है. जब तुम सफलता को उतनी ही बुरी तरह से चाहोगे जितना की तुम सांस लेना चाहते थे तो वो तुम्हे मिल जाएगी” इसके आलावा और कोई रहस्य नहीं है.
जीतने वाले कोई अलग काम नही करते, वे उसी काम को अलग ढंग से करते है।