Thursday, 1 May 2014

Health
काली मिर्च : गुणों से भरपूर
काली मिर्च एक अनुपम औषधि है। लाल मिर्च
की अपेक्षा यह कम दाहक और अधिक गुणकारी है।
इसीलिए मसाले में लाल मिर्च की बजाय काली मिर्च
का उपयोग प्रचलित है। काली मिर्च का योग्य रीति से
उपयोग किया जाए तो वह रसायन गुण देती है। आयुर्वेद में
काली मिर्च को सभी प्रकार के बैक्टीरिया, वायरस
आदि का नाश करने वाली औषधि माना जाता है।
लाभ
* यदि आपका ब्लड प्रेशर लो रहता है, तो दिन में दो-तीन
बार पांच दाने कालीमिर्च के साथ 21 दाने किशमिश
का सेवन करे।
* जुकाम होने पर कालीमिर्च के चार-पांच दाने पीसकर एक
टी-कप दूध में पकाकर सुबह-शाम लेने से लाभ मिलता है।
* एक चम्मच शहद में 2-3 बारीक कुटी हुई कालीमिर्च और
एक चुटकी हल्दी पावडर मिलाकर लेने से कफ में राहत
मिलती है।
* इससे शरीर की थकावट दूर होती है। कालीमिर्च से गले
की खराश दूर होती है।
* इससे रक्त संचार सुधरता है।यह दिमाग के लिए
फायदेमंद होती है। गैस के कारण पेट फूलने पर कालीमिर्च
असरदार होती है। इससे गैस दूर होती है। कालीमिर्च
की चाय पीने से सर्दी-ज़ुकाम, खाँसी और वायरल इंफेक्शन
में राहत मिलती है। कालीमिर्च पाचनक्रिया में सहायक
होती है।
* कालीमिर्च सभी प्रकार के संक्रमण में लाभ देती है।
मतानुसार काली मिर्च उदरपीड़ा, डकार और
अफारा मिटाकर कामोत्तेजना एवं विरेचन करती है। अरुचि,
जीर्ण ज्वर, दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन, पक्षाघात,
नेत्ररोग आदि पर भी यह हितकारी है।
* जुकाम होने पर काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध पीएं।
यदि जुकाम बार-बार होता है, अक्सर छीकें आती हैं
तो काली मिर्च की संख्या एक से शुरू करके रोज एक बढ़ाते
हुए पंद्रह तक ले जाए फिर प्रतिदिन एक घटाते हुए पंद्रह
से एक पर आएं। इस तरह जुकाम एक माह में समाप्त
हो जाएगा।
*खांसी होने पर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और
आधा चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटें।
खांसी दूर हो जाएगी।
* गैस की शिकायत होने पर एक कप पानी में आधे नीबू
का रस डालकर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण व
आधा चम्मच काला नमक मिलाकर नियमित कुछ दिनों तक
सेवन करने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है।
* गला बैठना : काली मिर्च को घी और मिश्री के साथ
मिलाकर चाटने से बंद गला खुल जाता है और आवाज़
सुरीली हो जाती है। आठ-दस काली मिर्च पानी में उबालकर
इस पानी से गरारे करें, इससे गले का संक्रमण खत्म
हो जाएगा।
* त्वचा रोग : काली मिर्च को घी में बारीक पीसकर लेप
करने से दाद-फोड़ा, फुंसी आदि रोग दूर हो जाते हैं।
कच्ची हल्दी का अचार -
कच्ची हल्दी का अचार खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है इसमें अनेकों औषधीय गुण भी हैं. स्वाद में एकदम तीखा हल्दी का अचार की बस एक चौथाई चम्मच आपके खाने को एक नया स्वाद देगी.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Turmeric Pickle
कच्ची हल्दी - 250 ग्राम (कद्दूकस की हुई एक कप)
सरसों का तेल - 100 ग्राम (आधा कप)
नमक - 2 1/2 छोटी चम्मच
लाल मिर्च - आधा छोटी चम्मच
दाना मैथी - 2 1/2छोटी चम्मच दरदरी पिसी
सरसों पाउडर - 2 1/2 छोटी चम्मच
अदरक पाउडर - 1 छोटी चम्मच
हींग - 2-3 पिंच
नीबू - 250 ग्राम ( 1/2 कप का रस)
विधि - How to make haldi pickle
हल्दी को छीलिये और धोकर पानी सुखाने के लिये थोड़ी देर के लिये धूप में रख दीजिये या सूती कपड़े से पोंछ कर पानी हटा दीजिये.
अब इस छिली हल्दी को कद्दूकस कर लीजिये या बारीक काट लीजिये. चूंकि हल्दी का अचार एकदम कम मात्रा में खाया जाता है इसलिये छोटे टुकडों के अचार के बजाय कद्दूदक की गई हल्दी का अचार अधिक सुविधाजनक होता है.
सरसों का तेल कढ़ाई में डाल कर अच्छी तरह गरम करके, थोड़ा सा ठंडा कर लीजिये, तेल में हींग, मैथी और सारे मसाले और कद्दूकस की गई हल्दी डाल कर अच्छी तरह मिलाइये.
हल्दी के अचार को प्याले में निकालिये और अचार में नीबू का रस डालकर अच्छी तरह मिलाकर हल्दी के अचार को ढककर रख दीजिये. 4-5 घंटे बाद अचार चमचे से फिर से ऊपर नीचे करके मिला दीजिये.
हल्दी का अचार बन चुका है, हल्दी के अचार को एकदम सूखे कांच या चीनी मिट्टी के कन्टेनर में भर कर रख लीजिये, सम्भव हो तो अचार के कन्टेनर को 2 दिन धूप में रख दें, धूप में रखने से अचार की सैल्फ लाइफ बढ़ जाती है और अचार स्वादिष्ट भी हो जाते हैं.
हल्दी का अचार (Turmeric Pickle) यदि तेल में डुबा हुआ रखा हो तब यह अचार 6 महिने से भी ज्यादा अच्छा रहेगा.
सावधानी:
अचार को निकालते समय हमेशा साफ और सूखी चम्मच प्रयोग में लाइये.

तेज याददाश्त :- चीजें जिन्हें खाने से दिमाग बहुत तेज चलने लगता है 
बार-बार भूलने की समस्या बहुत ही परेशानी देने वाली होती है। जिन लोगों के साथ ये समस्या होती है सिर्फ वे खुद ही नहीं उनसे जुड़े अन्य लोग भी कई बार समस्या में पड़ जाते है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई लोगों की याददाश्त कमजोर होने लगती है। किसी भी चीज को ढ़ूंढने या काम को याद रखने के लिए दिमाग पर जोर डालना पड़ता है।
नीचे लिखी चीजों को अपने आहार में शामिल करें और पाएं गजब की याददाश्त।
• ब्राह्मी-
ब्राह्मी का रस या चूर्ण पानी या मिश्री के साथ लेने से याददाश्त तेज होती है। ब्राह्मी के तेल की मालिश से दिमागी कमजोरी, खुश्की दूर होती है।
• फल-
लाल और नीले रंगों के फलों का सेवन भी याद्दाशत बढ़ाने में याददाश्त बढ़ाने में मददगार होते हैं जैसे सेब और ब्लूबेरी खाने से भूलने की बीमारी दूर होती है। 
• सब्जियां-
बैंगन का प्रयोग करें। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व दिमाग के टिशू को स्वस्थ्य रखने में मददगार होते हैं। चुकंदर और प्याज भी दिमाग बढ़ाने में अनोखा काम करते हैं। 
• गेहूं -
गेहूं के जवारे का जूस पीने से याददाश्त बढ़ती है। गेहूं से बने हरीरा में शक्कर और बादाम मिलाकर पीने से भी स्मरण शक्ति बढ़ती है।
• अखरोट -
अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स व विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद प्राकृतिक रसायनों को नष्ट होने से रोककर रोगों की रोकथाम करते हैं। इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। रोजाना अखरोट के सेवन से याददाश्त बढ़ती है। 







CLEAN YOUR KIDNEYS
Years go by and our kidneys are always filtering the blood, removing salt, poison and anything harmful into our system. With time, the salt accumulates and this needs a cleaning treatment , and ... how do we get rid of this?
It is very easy , first take a bunch of parsley and wash very well, then cut into small pieces and put it in a pot and add clean water ( 1 liter) boil for ten minutes , let it cool , strain into a clean bottle and put it in the refrigerator .
Drink one glass daily and you will see that all the salt and cumulative poison begins to emerge from her kidney when urinating.
Parsley is known as best cleaning treatment for kidneys and it is natural!
Parsley traicional Medicine Kidney
• It is a powerful antioxidant : rejuvenates the skin
• Contains beta-carotene
• Rich in minerals like calcium, phosphorus, iron and sulfur.
• Rich in chlorophyll : fights bad breath , helps cleanse the body of toxins and excess fat .
• Rich in vitamin C: prevents cancer, heart problems
and cataracts and infections, and helps strengthen the body's immune system .
• Being rich in calcium, it is very suitable diets to combat and prevent osteoporosis during menopause.
It is very beneficial for children and athletes.
• It is diuretic : helps eliminate fluids naturally. For this quality , is used in diets for treating hypertension and for the health of the kidneys .
• The high content of vitamins and minerals makes it ideal for combating and preventing anemia , anorexia , general weakness , fatigue, physical and mental fatigue .
• Ideal to strengthen hair and nails.
• Very good to combat skin problems .
• Useful against ulcers
• parsley from an oily liquid called Apiol , which is used against ague and neuralgia extracted .
NOTE .
Not to stay. Share it ! for your sake and that of others, so we give relief to someone else.