मांसपेशियों के दर्द से परेशान तो नहीं हैं? -----
मांसपेशियों में खिंचाव तभी होता है, जब उन पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है। आप एक्सरसाइज करने के अभ्यस्त नहीं हैं, दौड़ना भी आपकी दिनचर्या में नहीं है, माउंटेन क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों से भी दूर रहते है, लेकिन अचानक आपको ऐसा कुछ करना पड़े, तो मांसपेशियां जवाब दे जाती हैं। उनमें असहनीय दर्द होने लगता है। कई बार सामान्य दिनचर्या में भी मांसपेशियां में खिंचाव हो सकता है। राह चलते हुए टखने का मुड़ जाना इसी का एक उदाहरण कहा जा सकता है। यहां ऐसे कुछ नुस्खे दिए जा रहे हैं, जिन्हें आजमाकर आपको दर्द से राहत मिल सकती है। चहलकदमी करें- मांसपेशियों में दर्द हो, तो बिस्तर से उठने का मन नहीं करता, लेकिन ऐसे में आराम करने से अच्छा होगा कि थोड़ी चहलकदमी की जाए। गहरी सांस लीजिए और दोनों हाथों को सीधा ऊपर उठाएं। यह प्रकिया कई बार दोहराएं। ऐसा करने से आपकी मांसपेशियों में रक्त प्रवाह में सुधार होता है, जिससे आप रिलैक्स महसूस करेंगे। मसाज- मांसपेशियों में खिंचाव या झटका लगने से वो सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता। सही तरीके से दर्द वाली जगह पर मसाज करने से भी राहत मिलती है। इससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है। थकान भरी शारीरिक गतिविधियों के बाद ग्लाइकोजेन के ग्लूकोज में परिवर्तित होने की प्रक्रिया के दौरान बॉडी एनर्जी को बर्न करती है। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी से भी मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हो सकती है। स्ट्रेचिंग- यह सही है कि मांसपेशियों में दर्द हो, तो हिलना-डुलना मुश्किल होता है, लेकिन जितना आप सहन कर सकें, मसल्स को आराम से स्ट्रेच करें। ऐसा 30 मिनट करना चाहिए। इससे भी दर्द में राहत मिलती है। खूब पानी पिएं- एक्सरसाइज करते वक्त या फिर किसी दूसरी शारीरिक गतिविधि में खूब पसीना निकलता है। कैफीन उत्पादों और अल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। प्रोटीन- भारी-भरकम शारीरिक गतिविधियों के बाद मसल्स को प्रोटीन की जरूरत होती है, ताकि शरीर में एनर्जी का स्तर बना रहे। ऐसे में प्रोटीनयुक्त नेचुरल खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिए।
मांसपेशियों में खिंचाव तभी होता है, जब उन पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है। आप एक्सरसाइज करने के अभ्यस्त नहीं हैं, दौड़ना भी आपकी दिनचर्या में नहीं है, माउंटेन क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों से भी दूर रहते है, लेकिन अचानक आपको ऐसा कुछ करना पड़े, तो मांसपेशियां जवाब दे जाती हैं। उनमें असहनीय दर्द होने लगता है। कई बार सामान्य दिनचर्या में भी मांसपेशियां में खिंचाव हो सकता है। राह चलते हुए टखने का मुड़ जाना इसी का एक उदाहरण कहा जा सकता है। यहां ऐसे कुछ नुस्खे दिए जा रहे हैं, जिन्हें आजमाकर आपको दर्द से राहत मिल सकती है। चहलकदमी करें- मांसपेशियों में दर्द हो, तो बिस्तर से उठने का मन नहीं करता, लेकिन ऐसे में आराम करने से अच्छा होगा कि थोड़ी चहलकदमी की जाए। गहरी सांस लीजिए और दोनों हाथों को सीधा ऊपर उठाएं। यह प्रकिया कई बार दोहराएं। ऐसा करने से आपकी मांसपेशियों में रक्त प्रवाह में सुधार होता है, जिससे आप रिलैक्स महसूस करेंगे। मसाज- मांसपेशियों में खिंचाव या झटका लगने से वो सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता। सही तरीके से दर्द वाली जगह पर मसाज करने से भी राहत मिलती है। इससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है। थकान भरी शारीरिक गतिविधियों के बाद ग्लाइकोजेन के ग्लूकोज में परिवर्तित होने की प्रक्रिया के दौरान बॉडी एनर्जी को बर्न करती है। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी से भी मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हो सकती है। स्ट्रेचिंग- यह सही है कि मांसपेशियों में दर्द हो, तो हिलना-डुलना मुश्किल होता है, लेकिन जितना आप सहन कर सकें, मसल्स को आराम से स्ट्रेच करें। ऐसा 30 मिनट करना चाहिए। इससे भी दर्द में राहत मिलती है। खूब पानी पिएं- एक्सरसाइज करते वक्त या फिर किसी दूसरी शारीरिक गतिविधि में खूब पसीना निकलता है। कैफीन उत्पादों और अल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। प्रोटीन- भारी-भरकम शारीरिक गतिविधियों के बाद मसल्स को प्रोटीन की जरूरत होती है, ताकि शरीर में एनर्जी का स्तर बना रहे। ऐसे में प्रोटीनयुक्त नेचुरल खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिए।
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