Thursday, 31 October 2013

कुछ रोचक तथ्य-:

=>सिर्फ एक घंटा हेडफोन लगाने से हमारे
कानो में जीवाणुयों की तादाद 700 गुना बढ़
जाती है.

=>पूरे जीवन काल के दौरान नीद में आप
भिन्न-भिन्न तरह के 70 कीट और 10
मकडीयाँ खा जाते है.

=>आपका दिल एक दिन में लगभग 100,000
बार धडकता है.

=>आप के शरीर की लगभग 25
फीसदी हड़डियाँ आप के पैरों में होती हैं.

=>ऊगलियों के नाखुन पैरों के नाखुनों से 4
गुना ज्यादा जलदी बढ़ते हैं.

=>आप 300 हड़डियों के साथ जन्म लेते है., पर 18 साल तक होतो-होते आप
की हड़डियाँ जुड़ कर 206 रह जाती हैं.

=>एक औसतन ईन्सान दिन में 10 बार
हसता है.





Story


एक आदमी जंगल से गुजर रहा था । उसे चार स्त्रियां मिली।
💠
उसने पहली से पूछा - बहन तुम्हारा नाम क्या हैं ?
उसने कहा "बुद्धि "
तुम कहां रहती हो?
मनुष्य के दिमाग में।
💠
दूसरी स्त्री से पूछा - बहन तुम्हारा नाम क्या हैं ?
" लज्जा "।
तुम कहां रहती हो ?
आंख में ।
💠
तीसरी से पूछा - तुम्हारा क्या नाम हैं ?
"हिम्मत"
कहां रहती हो ?
दिल में ।
💠
चौथी से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
"तंदुरूस्ती"
कहां रहती हो ?
पेट में।
वह आदमी अब थोडा आगे बढा तों फिर उसे चार पुरूष मिले।
💠
उसने पहले पुरूष से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
" क्रोध "
कहां रहतें हो ?
दिमाग में,
दिमाग में तो बुद्धि रहती हैं,
तुम कैसे रहते हो?
जब मैं वहां रहता हुं तो बुद्धि वहां से विदा हो जाती हैं।
💠
दूसरे पुरूष से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
उसने कहां -" लोभ"।
कहां रहते हो?
आंख में।
आंख में तो लज्जा रहती हैं तुम कैसे रहते हो।
जब मैं आता हूं तो लज्जा वहां से प्रस्थान कर जाती हैं ।
💠
तीसरें से पूछा - तुम्हारा नाम क्या हैं ?
जबाब मिला "भय"।
कहां रहते हो?
दिल में तो हिम्मत रहती हैं तुम कैसे रहते हो?
जब मैं आता हूं तो हिम्मत वहां से नौ दो ग्यारह हो जाती हैं।
💠
चौथे से पूछा तुम्हारा नाम क्या हैं?
उसने कहा - "रोग"।
कहां रहतें हो?
पेट में।
पेट में तो तंदरूस्ती रहती हैं,
जब मैं आता हूं तो तंदरूस्ती वहां से रवाना हो जाती हैं।
💠
जीवन की हर विपरीत परिस्थिथि में यदि हम उपरोक्त वर्णित बातो को याद रखे तो कई चीजे टाली जा सकती है.




Health

रोज खाएं एक गाजर --------
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गाजर को पौष्टिक आहार माना जाता है। इसे कच्चा भी खाया जा सकता है और पकाकर भी। यह शरीर को जरूरी एंजाइम, विटामिन और खनिज प्रदान करता है। एक गाजर पूरे दिन की विटामिन ए की आवश्यकता को पूरा करता है। यह ऊर्जा प्रदान करने के साथ हड्डियों, आंखों की दृष्टि और त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। इसका जूस भी काफी लाभकारी होता है। ताजा गाजर का जूस पीने से तनाव और थकान से मुक्ति मिलती है।


गाजर जितना लाल होगा उसमें उतना ज्यादा कैरोटिनायड (विटामिन ए का स्रोत्र) मिलेगा। प्रत्येक 100 ग्राम गाजर में 7.6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 0.6 ग्राम प्रोटीन, 0.3 ग्राम वसा, 30 मिग्रा कैल्शियम, 0.6 मिग्रा आयरन पाया जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन बी1, बी2, बी6, विटामिन सी, के और पोटेशियम भी पाया जाता है।


पूर्व में हुए शोधों के मुताबिक गाजर में प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड पाया जाता है। यह कैंसर से लड़ने में मददगार होता है। साथ ही कोलेस्ट्राल, हार्टअटैक का खतरा काफी कम हो जाता है।


गाजर के फायदे ---

हृदय रोग से बचाव : ईडनबर्ग के वोल्फसन गैस्ट्रोइन्टेस्टेटाइनल लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं के मुताबिक लगातार तीन हफ्तों तक 207 मिली गाजर के जूस के सेवन से11 प्रतिशत कोलेस्ट्राल के स्तर को कम किया जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक गाजर खाने वालों को हार्टअटैक पड़ने का खतरा न खाने वाले के मुकाबले एक तिहाई कम होता है।


कैंसर से बचाव : इसमें पाया जाने वाला बीटाकैरोटीन कई प्रकार के कैंसर के खतरे को कम करता है। ब्रिटिश शोधकर्ताओं के मुताबिक बीटा कैरोटीन लेने से फेफड़ों काकैंसर करीब 40 प्रतिशत और आंत का कैंसर होने का खतरा 24 प्रतिशत तक कम हो जाता है। यही नहीं गाजर खाने वाली महिलाओं को उन महिलाओं के मुकाबले स्तन कैंसर होने का खतरा आठ गुना कम हो जाता है जो बिल्कुल गाजर नहीं खाती।


आंखों के लिए फायदेमंद : गाजर में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह आंखों के लिए फायदेमंद होता है। इससे आंखों की दृष्टि में सुधार होता है।


स्ट्रोक से बचाव : वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रतिदिन एक गाजर खाने से स्ट्रोक का खतरा 68 प्रतिशत कम हो जाता है।




गुलाब के पौधे से हमें जीवन के गुर सीखने मिलते हैं ,,,,,,,,गुलाव में कांटे अनेक होते है उनकी तुलना में फूल कम ,,,,,,गुलाब का फूल जब काँटों के एकदम नजदीक होता है तब कलि बन सिमटा रहता है स्वयं को समेटे ,,,अपने को सुरक्षित करते ,,,लेकिन धीरे धीरे जब काँटों से दूर होता जाता है तब जाकर पूरा खिल जाता है ,,ऐसे ही जब हम विपरीत परस्तिथि में हों तो स्वयं के विस्तार को समेट लें ,,जीवन में दोनों हैं हमें चुनना है ,,हम काँटों सा जीवन चुने या फूल सा ,,,,फूल अपने अस्तित्व के कारण लोगों द्वारा चुना जाता है ,जबकि कांटे कोई चुनना भी नहीं चाहता ,,,हालाँकि काँटों के बीच ही गुलाब की पहचान है 





घरेलू नुस्खों से दूर करें दर्द -
जिस तरह का जीवन हम जी रहे हैं, उसमें सिरदर्द होना एक आम बात है। लेकिन यह दर्द हमारी दिनचर्या में शामिल हो जाए तो हमारे लिए बहुत कष्टदायी हो जाता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए हम पेन किलर घरेलू उपाय अपनाकर इसे दूर कर सकते हैं। इन घरेलू उपायों के कोई साईड इफेक्ट भी नहीं होते।
1. अदरक: अदरक एक दर्द निवारक दवा के रूप में भी काम करती है। यदि सिरदर्द हो रहा हो तो सूखी अदरक को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे अपने माथे पर लगाएं। इसे लगाने पर हल्की जलन जरूर होगी लेकीन यह सिरदर्द दूर करने में मददगार होती है।
2. सोडा: पेट में दर्द होने पर कप पानी में एक चुटकी खाने वाला सोडा डालकर पीने से पेट दर्द में राहत मिलती है। सि्त्रयो के मासिक धर्म के समय पेट के नीचे होने वाले दर्द को दूर करने मे खाने वाला सोडा पानी में मिलाकर पीने से दर्द दूर होता है। एसिडिटी होने पर एक चुटकी सोडा, आधा चम्मच भुना और पिसा हुआ जीरा, 8 बूंदे नींबू का रस और स्वादानुसार नमक पानी में मिलाकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है।
3. अजवायन: सिरदर्द होने पर एक चम्मच अजवायन को भूनकर साफ सूती कपडे में बांधकर नाक के पास लगाकर गहरी सांस लेने से सिरदर्द में राहत मिलती है। ये प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक आपका सिरदर्द ठीक नहीं हो जाता। पेट दर्द को दूर करने में भी अजवायन सहायक होती है। पेट दर्द होने पर आधा चम्मच अजवायन को पानी के साथ फांखने से पेट दर्द में राहत मिलती है।
4. बर्फ : सिरदर्द में बर्फ की सिंकाई करना बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा स्पॉन्डिलाइटिस में भी बर्फ की सिंकाई लाभदायक होती है। गर्दन में दर्द होने पर भी बर्फ की सिंकाई लाभदायक होती है।
5. हल्दी: हल्दी कीटाणुनाशक होती है। इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीबायोटिक और दर्द निवारक तत्व पाए गए हैं। ये तत्व चोट के दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। घाव पर हल्दी का लेप लगाने से वह ठीक हो जाता है। चोट लगने पर दूध में हल्दी डालकर पीने से दर्द में राहत मिलती है। एक चम्मच हल्दी में आधा चम्मच काला गर्म पानी के साथ फांखने से पेट दर्द व गैस में राहत मिलती है।
6. तुलसी के पत्ते: तुलसी में बहुत सारे औषधीय तत्व पाए जाते हैं। तुलसी की पत्तियों को पीसकर चंदन पाउडर में मिलाकर पेस्ट बना लें। दर्द होने पर प्रभावित जगह पर उस लेप को लगाने से दर्द में राहत मिलेगी। एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर हल्का गुनगुना करके खाने से गले की खराश और दर्द दूर हो जाता है। खांसी में भी तुलसी का रस काफी फायदेमंद होता है।
7. मेथी: एक चम्मच मेथी दाना में चुटकी भर पिसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ फांखने से पेटदर्द में आराम मिलता है। मेथी डायबिटीज में भी लाभदायक होती है। मेथी के लड्डू खाने से जोडों के दर्द में लाभ मिलता है।
8. हींग: हींग दर्द निवारक और पित्तवर्द्धक होती है। छाती और पेटदर्द में हींग का सेवन लाभकारी होता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर हींग को पानी में घोलकर पकाने और उसे बच्चो की नाभि के चारो ओर उसका लेप करने से दर्द में राहत मिलती है।
9. सेब: सुबह खाली पेट प्रतिदिन एक सेब खाने से सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है। चिकित्सकों का मानना है कि सेब का नियमित सेवन करने से रोग नहीं घेरते।
10. करेला: करेले का रस पीने से पित्त में लाभ होता है। जोडों के दर्द में करेले का रस लगाने से काफी राहत मिलती है।

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